काव्यशास्त्रविनोदेन...

विकिसूक्तिः तः
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ


काव्यशास्त्रविनोदेन कालो गच्छति धीमताम् ।
व्यसनेन तु मूर्खाणां निद्रया कलहेन वा ॥